छत्तीसगढ़ में भारत स्काउट्स एंड गाइड्स (बीएसजी) के एक बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर ही टकराव सामने आ गया है। रायपुर से BJP सांसद और पार्टी के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल तथा राज्य की BJP सरकार के बीच मतभेद खुलकर सामने आए हैं। यह विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है, जहां बृजमोहन अग्रवाल ने स्वयं को छत्तीसगढ़ भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के पदेन (एक्स-ऑफिसियो) राज्य अध्यक्ष पद से हटाए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
इस टकराव का केंद्र आगामी राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबोरी है, जिसका आयोजन छत्तीसगढ़ भारत स्काउट्स एंड गाइड्स द्वारा किया जाना है। इस जंबोरी में देश-विदेश से लगभग 15,000 प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। यह आयोजन न केवल संगठन के लिए बल्कि राज्य की छवि और युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बृजमोहन अग्रवाल का आरोप है कि उन्हें बिना उचित कारण और प्रक्रिया अपनाए पद से हटाया गया, जबकि वह लंबे समय से संगठन से जुड़े रहे हैं और जंबोरी की तैयारियों में भी उनकी अहम भूमिका रही है। उनका कहना है कि इस फैसले से संगठनात्मक गतिविधियों और कार्यक्रम की तैयारियों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। वहीं, राज्य सरकार का पक्ष है कि प्रशासनिक और संगठनात्मक कारणों से यह बदलाव जरूरी था।
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इस पूरे घटनाक्रम ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। एक ओर विपक्ष इसे BJP के भीतर आंतरिक कलह के रूप में देख रहा है, वहीं दूसरी ओर पार्टी नेतृत्व के सामने यह चुनौती है कि इतने बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम से पहले विवाद को कैसे सुलझाया जाए।
मामला अब न्यायालय में होने के कारण सबकी निगाहें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि अदालत का रुख क्या रहता है और क्या इससे जंबोरी के आयोजन पर कोई असर पड़ता है या नहीं।
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