केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने शनिवार को परिसीमन विधेयक को लेकर अपनी पार्टी का पूर्ण समर्थन जताया। उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि सरकार परिसीमन प्रक्रिया का इस्तेमाल किसी राजनीतिक उद्देश्य या देरी के लिए कर रही है।
चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी इस विधेयक का पूरी तरह समर्थन करती है और परिसीमन देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक जरूरी कदम है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्गठन संवैधानिक प्रक्रिया के तहत किया जाता है और इसमें पारदर्शिता तथा जनहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार की मंशा पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि परिसीमन का उद्देश्य देश की बदलती जनसंख्या और प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार प्रतिनिधित्व को बेहतर बनाना है।
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चिराग पासवान ने कहा कि लोकतंत्र में सभी क्षेत्रों और वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व मिलना जरूरी है। उन्होंने विश्वास जताया कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जनता को इसका लाभ मिलेगा और राजनीतिक व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी।
गौरतलब है कि परिसीमन को लेकर देश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कुछ विपक्षी दलों ने आशंका जताई है कि परिसीमन से कुछ राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है। वहीं, सरकार और उसके सहयोगी दलों का कहना है कि यह प्रक्रिया संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार होगी।
चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी देश के विकास और लोकतांत्रिक सुधारों से जुड़े हर कदम का समर्थन करेगी। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि राजनीतिक विरोध के बजाय राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे पर विचार किया जाना चाहिए।
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