पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी सियासी हलचल के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पार्टी से बगावत करने वाले नेताओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बागी नेताओं को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे पार्टी में वापस लौटते हैं तो वह एक घंटे के भीतर अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।
अभिषेक बनर्जी ने पार्टी छोड़कर दूसरे दलों में जाने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ "समझौता" किया है। उन्होंने कहा कि कई नेताओं ने केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई से बचने के लिए भाजपा का साथ चुना।
टीएमसी नेता ने कहा कि जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं, उन्हें अब अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने बागी नेताओं से कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो वे वापस पार्टी में लौटकर दिखाएं। अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि कुछ नेताओं ने अपने निजी हितों और सुरक्षा के लिए राजनीतिक रास्ता बदला है।
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उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं और जनता के समर्थन से मजबूत है और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। अभिषेक ने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि संगठन को कमजोर करने की कोशिशों को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ समय से टीएमसी के अंदर असंतोष और नेताओं के दल बदलने को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। भाजपा लगातार टीएमसी के नेताओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है, जबकि टीएमसी नेतृत्व इसे राजनीतिक साजिश बता रहा है।
अभिषेक बनर्जी ने अपने बयान के जरिए पार्टी के भीतर अनुशासन और निष्ठा का संदेश देने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि पार्टी के खिलाफ जाने वाले नेताओं को जनता के सामने जवाब देना होगा।
इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है।
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