दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को सुबह 10 बजे प्रदर्शन होना था। इस बीच, खबर के अनुसार, आकाशवाणी भवन के पास पथराव में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि कनॉट प्लेस में 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।
राजधानी में प्रदर्शन के मद्देनजर करीब 25 हजार पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं। शहर के संवेदनशील इलाकों, सीमावर्ती क्षेत्रों, रेलवे स्टेशनों और बस टर्मिनलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने अनधिकृत जमावड़े को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। पुलिस के मुताबिक, आयोजकों ने 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के लिए आवेदन 7 अक्टूबर को दिया था, जबकि निर्धारित प्रक्रिया के तहत कम से कम 10 दिन पहले अनुमति मांगना जरूरी है। संयुक्त पुलिस आयुक्त नूपुर प्रसाद ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने पिछले प्रदर्शन के दौरान नियमों और अधिकारियों के निर्देशों के कथित उल्लंघन का भी हवाला दिया।
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सुरक्षा व्यवस्था में दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 120 से अधिक कंपनियां तैनात किए जाने की तैयारी थी। नई दिल्ली जिले को 20 क्षेत्रों में बांटा गया है। प्रत्येक क्षेत्र की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कर रहे हैं। कई स्थानों पर सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल भी की गई।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अनुसार, शुक्रवार रात से 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारों पर प्रतिबंध लगाए गए। इनमें राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, नई दिल्ली, पटेल चौक, मंडी हाउस, जनपथ, सुप्रीम कोर्ट, आईटीओ और कश्मीरी गेट शामिल हैं। प्रभावित स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रहने की जानकारी दी गई, हालांकि नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर अलग प्रतिबंध लागू थे।
इसके अलावा, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे के बीच आने-जाने वाली कई ट्रेनों के रद्द होने की खबर भी सामने आई।
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