कोल इंडिया ने 16 फरवरी, 2026 को जानकारी दी कि उसने वर्तमान वित्तीय वर्ष में जनवरी तक सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के लिए ₹961 करोड़ की पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) की है। यह राशि पिछले साल की समान अवधि में खर्च किए गए ₹412 करोड़ से दोगुनी है।
कोल इंडिया के इस कदम का उद्देश्य अपनी सौर ऊर्जा परियोजनाओं को तेज़ी से बढ़ाना है, और इससे कंपनी ने निर्धारित लक्ष्य ₹729 करोड़ का 132% हासिल किया है। इसके अलावा, कंपनी ने FY 2026 के लिए अपने सौर ऊर्जा परियोजनाओं के तहत निर्धारित ₹957 करोड़ के पूंजीगत व्यय लक्ष्य को भी पार कर लिया है।
कोल इंडिया की यह पहल केंद्र सरकार की नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप है, जिसमें कोयला उद्योग को सौर ऊर्जा जैसे वैकल्पिक स्रोतों में निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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कोल इंडिया का यह प्रयास भारत को 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने में सहायक होगा, जिससे देश के कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलेगी।
कंपनी के अनुसार, सौर परियोजनाओं में किए गए इस निवेश से उसकी ऊर्जा आपूर्ति को पर्यावरणीय दृष्टिकोण से अधिक टिकाऊ और किफायती बनाया जा सकेगा।
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