कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयानों को लेकर उन पर निशाना साधा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि भागवत द्वारा एक माह में दिए गए दो अलग-अलग बयान आपस में विरोधाभासी हैं।
जयराम रमेश ने अपने बयान में कहा, “एक माह, एक व्यक्ति, दो विरोधाभासी बयान – यही है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा की असली पहचान।” उन्होंने आरोप लगाया कि भागवत पहले सेवानिवृत्ति की एक निश्चित आयु तय करने की बात करते हैं और फिर यह कहकर मुकर जाते हैं कि यह किसी विशेष नेता के लिए नहीं है।
हाल ही में मोहन भागवत ने सार्वजनिक मंच से कहा था कि समाज में हर क्षेत्र के लोगों के लिए उम्र का एक मर्यादित दायरा होना चाहिए और समय आने पर लोगों को स्वेच्छा से पद छोड़ देना चाहिए। हालांकि बाद में उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनके बयान का किसी व्यक्ति विशेष या राजनीतिक नेता से कोई संबंध नहीं है।
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कांग्रेस ने इसे लेकर सवाल उठाए कि यदि यह बयान किसी विशेष नेता के लिए नहीं था, तो फिर अचानक स्पष्टीकरण देने की क्या आवश्यकता थी? पार्टी का कहना है कि यह संघ की दोहरी नीति और राजनीतिक संकेतों को दर्शाता है।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब कई राजनीतिक दलों में नेतृत्व परिवर्तन और वरिष्ठ नेताओं की सेवानिवृत्ति की चर्चा तेज़ है।
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