पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम स्थित स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा व्यवस्था का केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने निरीक्षण किया। यह कदम उस समय उठाया गया जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने गंभीर आरोप लगाते हुए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।
टीएमसी ने दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के बीच “सक्रिय मिलीभगत” के तहत मतपेटियों को बिना संबंधित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में खोलने की कोशिश की जा रही है।
इन आरोपों के बाद सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं और स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जांच की गई। सीआरपीएफ के अधिकारियों ने पूरे परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की समीक्षा की ताकि मतपेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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प्रशासन के अनुसार, स्ट्रॉन्ग रूम में रखी गई सभी मतपेटियां सील हैं और उन्हें 24 घंटे निगरानी में रखा गया है। सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा बलों की तैनाती के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुसार की जाएगी। किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
वहीं, राजनीतिक आरोपों के बीच माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है, लेकिन प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसा रखें।
चुनाव आयोग की निगरानी में मतगणना प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने की तैयारी की जा रही है।
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