गिग वर्कर्स की प्रस्तावित हड़ताल के बीच जोमैटो और ब्लिंकिट के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपिंदर गोयल ने व्यवस्था की निष्पक्षता का बचाव करते हुए कहा है कि अगर कोई सिस्टम मूल रूप से अनुचित होता, तो वह लगातार इतने लोगों को आकर्षित नहीं करता और न ही लोग उसमें काम करना चाहते। उन्होंने लोगों से “स्वार्थी हितों द्वारा फैलाए जा रहे नैरेटिव” से प्रभावित न होने की अपील की।
दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि बीते कुछ दिनों से हड़ताल के आह्वान के बावजूद, नए साल की पूर्व संध्या पर जोमैटो और ब्लिंकिट ने रिकॉर्ड डिलीवरी दर्ज की। उन्होंने कहा कि दोनों प्लेटफॉर्म्स पर कुल मिलाकर 75 लाख से अधिक ऑर्डर पूरे किए गए, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
गोयल ने डिलीवरी पार्टनर्स का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने “धमकियों के बावजूद काम किया, डटे रहे और ईमानदार मेहनत व प्रगति का रास्ता चुना।” उन्होंने यह भी कहा कि गिग इकोनॉमी भारत में संगठित रोजगार सृजन के सबसे बड़े माध्यमों में से एक बनकर उभरी है। इसका वास्तविक प्रभाव आने वाले वर्षों में तब दिखेगा, जब डिलीवरी पार्टनर्स के बच्चे स्थिर आय और शिक्षा के सहारे कार्यबल में शामिल होंगे और देश के विकास में योगदान देंगे।
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आंकड़ों का जिक्र करते हुए गोयल ने बताया कि 31 दिसंबर को दोनों प्लेटफॉर्म्स पर 4.5 लाख से अधिक डिलीवरी पार्टनर्स ने काम किया और 63 लाख से ज्यादा ग्राहकों तक 75 लाख से अधिक ऑर्डर पहुंचाए। खास बात यह रही कि यह सब बिना किसी अतिरिक्त प्रोत्साहन के संभव हुआ।
उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय कानून-व्यवस्था एजेंसियों के सहयोग से कुछ शरारती तत्वों को काबू में रखा गया। उल्लेखनीय है कि इससे पहले गिग और प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन ने 31 दिसंबर को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया था, जिसमें 1.7 लाख से अधिक गिग वर्कर्स के शामिल होने का दावा किया गया था।
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