दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन बुधवार (7 जनवरी, 2026) को भी सदन में हंगामा जारी रहा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष और आम आदमी पार्टी (आप) की वरिष्ठ नेता आतिशी के कथित बयान को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसे वे सिखों के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर का अपमान बता रहे हैं। लगातार शोर-शराबे के कारण विधानसभा की कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा।
भाजपा विधायकों का आरोप है कि आतिशी की टिप्पणी से सिख समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं और जब तक इस पर माफी या स्पष्टीकरण नहीं दिया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। विपक्षी दल के सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए सदन में तख्तियां भी लहराईं, जिससे कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी।
इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस पूरे मामले पर आतिशी की ओर से अब तक कोई औपचारिक संवाद या स्पष्टीकरण उन्हें नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है और ऐसे संवेदनशील विषयों पर संवाद के जरिए समाधान निकाला जाना चाहिए।
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वहीं, आम आदमी पार्टी के विधायकों ने अध्यक्ष को बताया कि आतिशी फिलहाल दिल्ली से बाहर हैं, जिसके चलते वह इस मुद्दे पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दे सकीं। आप नेताओं का कहना है कि भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए तूल दे रही है और सदन की कार्यवाही को जानबूझकर बाधित किया जा रहा है।
लगातार हंगामे के चलते महत्वपूर्ण विधायी कामकाज प्रभावित हुआ है। शीतकालीन सत्र के शुरुआती दिनों में ही बार-बार कार्यवाही स्थगित होने से सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और गहराता नजर आ रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि जल्द ही इस विवाद का समाधान नहीं निकला, तो पूरे सत्र के दौरान इसी तरह का गतिरोध बना रह सकता है।
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