दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मेडिकल छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टरों से मुलाकात की। उन्होंने एक कैफे में छात्रों के साथ अनौपचारिक बातचीत के दौरान चिकित्सा शिक्षा के अनुभव, भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर उनकी आकांक्षाओं और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को सुना।
तरणजीत सिंह संधू ने बताया कि उन्होंने एम्स के छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ खुलकर बातचीत की। इस दौरान छात्रों ने मेडिकल शिक्षा की कठिनाइयों और भविष्य में भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर अपने विचार साझा किए। खास तौर पर महिला छात्रों और डॉक्टरों से जुड़े सुरक्षा एवं संरक्षा के मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
उपराज्यपाल ने कहा कि छात्रों और डॉक्टरों द्वारा दिए गए सुझाव महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने संबंधित चिंताओं के समाधान और सभी के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने भविष्य के डॉक्टरों से ज्ञान के साथ सेवा करने और संवेदनशीलता के साथ नेतृत्व करने का आह्वान किया।
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इसी दिन संधू ने दिल्ली विश्वविद्यालय के महिला कॉलेजों के प्राचार्यों, कुलपति और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी बैठक की। बैठक में कॉलेज परिसरों और उनके आसपास छात्राओं की सुरक्षा की समीक्षा की गई। अधिकारियों और कॉलेज प्रशासन ने कई स्थानीय समस्याएं सामने रखीं।
इनमें ई-रिक्शा, ऑटो और टैक्सियों द्वारा यात्रियों को जबरन रोकना या कॉलेज गेट के सामने अवरोध पैदा करना, सुरक्षित अंतिम-मील परिवहन की कमी, अतिक्रमित फुटपाथ, अनियमित रेहड़ी-पटरी, कम रोशनी वाले क्षेत्र और असुरक्षित पार्क शामिल थे। परिसर के आसपास सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, अश्लील हरकतों की शिकायतें, पिंक बूथ बढ़ाने और पुलिस गश्त तेज करने जैसे मुद्दे भी उठाए गए।
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