पैलेट गन मामले में एफआईआर दर्ज
नई दिल्ली में पैलेट गन से घायल 19 वर्षीय साहिल लोचब की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को एफआईआर दर्ज कर ली। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 118 और 125 के तहत दर्ज किया गया है। धारा 118 खतरनाक हथियार या साधन से जानबूझकर चोट या गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित है, जबकि धारा 125 दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने से जुड़ी है। एफआईआर अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है।
इस मामले को लेकर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद मार्ग थाने के बाहर धरना दिया था। उनके साथ पैलेट गन से घायल साहिल लोचब भी मौजूद थे। राहुल गांधी ने कहा था कि जब तक शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं होती, वह धरने से नहीं उठेंगे।
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राहुल गांधी ने लगाया गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बताया था कि एफआईआर दर्ज करने के संबंध में “ऊपर से आदेश” हैं। इससे पहले राहुल गांधी साहिल के साथ मंदिर मार्ग थाने पहुंचे थे और एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। वहां से वे संसद मार्ग थाने पहुंचे और पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा से मुलाकात की।
बातचीत से समाधान नहीं निकलने के बाद राहुल गांधी थाने में ही धरने पर बैठ गए। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के अन्य नेता भी उनके समर्थन में धरने में शामिल हुए।
साहिल ने बताई आंख की चोट
साहिल लोचब ने बताया कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उस पर पैलेट गन चलाई गई थी। उसे पहले लेडी हार्डिंग अस्पताल ले जाया गया और बाद में एम्स रेफर किया गया, जहां उसकी सर्जरी हुई। साहिल के मुताबिक, उसकी एक आंख की रोशनी अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
राहुल गांधी ने इस घटना को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ गंभीर अपराध बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब और माफी की मांग की थी।
इस बीच एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस अब मामले की जांच करेगी और घटनाक्रम के दौरान मौजूद लोगों तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की कोशिश करेगी।
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