केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब तक देश की सीमाएं सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक न तो पश्चिम बंगाल और न ही भारत पूरी तरह सुरक्षित रह सकता है।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध बार-बार किए जाने के बावजूद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आवश्यक भूमि उपलब्ध नहीं कराई। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और देश की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
गृह मंत्री ने पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा बल और सशस्त्र सीमा बल के कार्यक्रमों में राज्य सरकार के सहयोग की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों ने कभी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) या सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लिया था।
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अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की इस पहल के लिए सराहना की और कहा कि उन्होंने इस परंपरा को बदलने का काम किया है। उन्होंने सीमा सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम में उनकी भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
भारत-बांग्लादेश सीमा पश्चिम बंगाल से होकर काफी लंबी दूरी तक गुजरती है। सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने के लिए बाड़, निगरानी व्यवस्था और अन्य सुरक्षा उपायों को महत्वपूर्ण माना जाता है। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच जमीन और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर समन्वय सीमा प्रबंधन के लिए जरूरी है।
अमित शाह ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजबूत सीमा व्यवस्था के बिना देश की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावी नहीं बनाया जा सकता।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा, अवैध घुसपैठ और भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े मुद्दे राजनीतिक बहस के प्रमुख विषय बने हुए हैं।
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