महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश में अति-वामपंथी सोच स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं और उनके समर्थक भारत के लोकतंत्र को कमजोर करने में जुटे हैं।
फडणवीस ने कांग्रेस और उसके सहयोगी विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक स्थिति पर आत्ममंथन करना चाहिए, क्योंकि देश के कई बड़े राज्यों में उसे लंबे समय से चुनावी हार का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “राहुल गांधी इस देश में अति-वामपंथी मानसिकता स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं और इसके पीछे एक बड़ी साजिश चल रही है।” उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की ओर विपक्ष के मार्च और मुख्य न्यायाधीश से मिलने की मांग पर भी सवाल उठाए। फडणवीस ने कहा कि प्रदर्शन के दबाव में मुख्य न्यायाधीश से चर्चा की अपेक्षा करना उचित नहीं है। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान का सम्मान किया जाना चाहिए।
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चुनावी हार पर कांग्रेस को घेरा
फडणवीस ने दावा किया कि तमिलनाडु में कांग्रेस लगभग 59 वर्षों, पश्चिम बंगाल में 49 वर्षों, सिक्किम में 42 वर्षों, उत्तर प्रदेश में 37 वर्षों, बिहार में 36 वर्षों और गुजरात में 31 वर्षों से सत्ता से बाहर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर सवाल उठाने के बजाय अपनी चुनावी हार के कारणों और नेतृत्व की समीक्षा करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, लगातार चुनावी पराजय के कारण कांग्रेस अराजकता की राजनीति की ओर बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी संविधान का नाम लेकर संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप
फडणवीस ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट तथा भारतीय रिजर्व बैंक जैसी संस्थाओं के खिलाफ गलत सूचनाएं फैलाने और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय तथ्यों और संवैधानिक प्रक्रियाओं का सम्मान होना चाहिए।
हालांकि, ये आरोप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के राजनीतिक बयान हैं। कांग्रेस और राहुल गांधी का पक्ष इन आरोपों के संदर्भ में अलग हो सकता है।
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