हवाई यात्रा की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सभी एयरलाइन ऑपरेटरों को बड़ा निर्देश जारी किया है। डीजीसीए ने कहा है कि अब प्रत्येक एयरलाइन को अपने संचालन में सुरक्षा प्रोटोकॉल के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए एक ‘चीफ ऑफ फ्लाइट सेफ्टी’ की नियुक्ति करनी होगी।
डीजीसीए के अनुसार, विमान दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच में बार-बार यह सामने आया है कि कई मामलों में समान कारण और प्रणालीगत कमियां जिम्मेदार रही हैं। इन कमियों को दूर करने और भविष्य में दुर्घटनाओं या गंभीर घटनाओं को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। नियामक संस्था का मानना है कि एक समर्पित और उच्च स्तर का सुरक्षा नेतृत्व एयरलाइन संचालन में सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करेगा।
इसके साथ ही डीजीसीए ने एयरलाइन ऑपरेटरों को एक समर्पित ‘फ्लाइट सेफ्टी डिपार्टमेंट’ स्थापित करने का भी निर्देश दिया है। इस विभाग में पर्याप्त संख्या में योग्य और सक्षम कर्मियों की नियुक्ति अनिवार्य होगी, ताकि उड़ान सुरक्षा को बढ़ावा दिया जा सके और दुर्घटना/घटना रोकथाम कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
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डीजीसीए ने स्पष्ट किया कि फ्लाइट सेफ्टी विभाग का मुख्य उद्देश्य जोखिमों की पहचान करना, सुरक्षा से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण करना, नियमित ऑडिट करना और संभावित खतरों को समय रहते कम करना होगा। ‘चीफ ऑफ फ्लाइट सेफ्टी’ सीधे तौर पर एयरलाइन के शीर्ष प्रबंधन को रिपोर्ट करेंगे, जिससे सुरक्षा से जुड़े निर्णयों को प्राथमिकता मिल सके।
नियामक का कहना है कि यह पहल न केवल यात्रियों और क्रू की सुरक्षा बढ़ाएगी, बल्कि भारतीय विमानन क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालन को भी सुनिश्चित करेगी। डीजीसीए ने एयरलाइनों से अपेक्षा की है कि वे इस निर्देश का जल्द से जल्द पालन करें और सुरक्षा को अपने संचालन का केंद्र बनाएं।
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