संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले समाजवादी पार्टी ने परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने रविवार को कहा कि समाजवादी पार्टी संविधान (131वां संशोधन) विधेयक का संसद में पूरी ताकत से विरोध करेगी और परिसीमन प्रक्रिया को रोकने के लिए हर लोकतांत्रिक प्रयास करेगी।
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि मौजूदा स्वरूप में प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया कई राज्यों के हितों को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बिना व्यापक सहमति बनाए इस महत्वपूर्ण विषय को आगे बढ़ाना चाहती है, जिसका समाजवादी पार्टी विरोध करेगी।
उन्होंने कहा कि संसद लोकतांत्रिक विमर्श का मंच है और विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वह जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगे। समाजवादी पार्टी संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी और अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर रणनीति बनाएगी।
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धर्मेंद्र यादव ने कहा कि पार्टी महिलाओं को आरक्षण देने के पक्ष में है, लेकिन इसे परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने पर गंभीर सवाल हैं। उनका कहना है कि पहले सभी राजनीतिक दलों और राज्यों के बीच सहमति बनाई जानी चाहिए, उसके बाद ही इस तरह के संवेदनशील विधेयकों को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होने की संभावना है। विपक्ष पहले ही संकेत दे चुका है कि वह परिसीमन, महंगाई, बेरोजगारी और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि परिसीमन विधेयक संसद में पेश किया जाता है तो वह अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर इसका पुरजोर विरोध करेगी।
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