तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (डीएमके) के विधायक जीवी मार्कंडेयन को सोमवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने यह कार्रवाई तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) के सदस्यों की शिकायत के बाद की।
पुलिस की एक बड़ी टीम तूतीकोरिन जिले के विलाथिकुलम इलाके में स्थित विधायक के आवास पर पहुंची और उन्हें हिरासत में लिया। इस दौरान विधायक के समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए नारेबाजी की। बाद में पुलिस उन्हें आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए अपने साथ ले गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मार्कंडेयन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की तीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें आपराधिक धमकी, शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना और गलत जानकारी फैलाना जैसी धाराएं शामिल हैं। यह प्राथमिकी टीवीके पदाधिकारी पी कासीराम की शिकायत पर दर्ज की गई है।
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मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ टिप्पणी का आरोप
पुलिस के मुताबिक, यह मामला उस भाषण से जुड़ा है जो विधायक मार्कंडेयन ने तूतीकोरिन जिले के विलाथिकुलम विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिया था। यह कार्यक्रम पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके के वरिष्ठ नेता रहे एम करुणानिधि की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था।
आरोप है कि इस दौरान विधायक ने मुख्यमंत्री विजय को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद टीवीके कार्यकर्ताओं ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
गिरफ्तारी के दौरान वायरल हुए वीडियो में विधायक यह कहते हुए सुनाई दिए कि विधायक होने के कारण उन्हें विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति के बिना गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। पुलिस ने उन्हें थाने ले जाने के लिए समझाया। इस बीच उनके समर्थकों ने उनके घर के बाहर प्रदर्शन किया।
इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। मामले की जांच जारी है।
पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं डीएमके नेता
मार्कंडेयन तूतीकोरिन जिले से गिरफ्तार होने वाले डीएमके के दूसरे विधायक हैं। इससे पहले पूर्व राज्य मंत्री अनिता आर राधाकृष्णन को भी मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ कथित मानहानिकारक भाषण देने के मामले में 3 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।
राधाकृष्णन के खिलाफ बीएनएस की धारा 352 और 353(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन पर 20 जून को मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था। टीवीके की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई की थी। मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
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