राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 270 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त किया है। यह अब तक की मेफेड्रोन की सबसे बड़ी बरामदगी मानी जा रही है। दो दिनों तक चली इस बहु-राज्य कार्रवाई में राजस्थान और हरियाणा में फैले एक संगठित ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है।
डीआरआई के अनुसार, जब्त किया गया मेफेड्रोन एक सिंथेटिक नशीला पदार्थ है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत लगभग 81 करोड़ रुपये आंकी गई है। तस्कर इस खेप को घरेलू स्तर पर एक राज्य से दूसरे राज्य तक ले जा रहे थे और जांच से बचने के लिए इसे मुर्गियों के चारे (चिकन फीड) के रूप में छिपाकर ले जाया जा रहा था।
मंगलवार (13 जनवरी 2026) को डीआरआई के एक प्रवक्ता ने बताया कि एजेंसी के अधिकारियों ने राजस्थान के डीडवाना-कुचामन राज्य राजमार्ग पर एक ट्रक को रोका। ट्रक में कृषि आधारित सामान लदा हुआ दिखाया गया था, लेकिन तलाशी के दौरान उसके भीतर छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में मेफेड्रोन बरामद की गई।
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जांच के दौरान डीआरआई ने इस तस्करी से जुड़े नेटवर्क के तार राजस्थान और हरियाणा सहित कई राज्यों से जुड़े होने की पुष्टि की है। इस मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है। अधिकारियों को संदेह है कि यह सिंडिकेट लंबे समय से देश के विभिन्न हिस्सों में नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहा था।
डीआरआई ने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की जब्ती से ड्रग तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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