भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) से जुड़े कार्यों की समयसीमा बढ़ा दी है। अब सुनवाई की अंतिम तारीख 14 फरवरी 2026 कर दी गई है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। यह फैसला राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मांगने और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लिया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पश्चिम बंगाल ने 7 फरवरी को औपचारिक पत्र भेजकर निर्वाचन आयोग से समय बढ़ाने का अनुरोध किया था। उन्होंने बताया कि अभी कई मामलों में सुनवाई, दस्तावेजों की जांच और डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने का काम बाकी है। इन प्रक्रियाओं को सही और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय जरूरी था।
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने भी 9 फरवरी को सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग से SIR की समयसीमा कम से कम एक सप्ताह बढ़ाने को कहा था। अदालत का मानना था कि मतदाता सूची जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज में किसी प्रकार की जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए और सभी प्रक्रियाओं को सावधानीपूर्वक पूरा किया जाना चाहिए।
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विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। इसमें नए मतदाताओं का पंजीकरण, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना और दस्तावेजों का सत्यापन शामिल होता है। चुनावों की निष्पक्षता और पारदर्शिता के लिए यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि अतिरिक्त समय का उपयोग लंबित सुनवाई, रिकॉर्ड की जांच और डिजिटाइजेशन को पूरा करने में किया जाएगा, ताकि अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह सटीक और भरोसेमंद हो सके।
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