प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस ग्रुप से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 1,021 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्तियां कुर्क की हैं। यह कार्रवाई रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) से जुड़े मामले में की गई है।
ईडी ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप से जुड़े मामलों में अब तक कुर्क की गई कुल संपत्तियों का मूल्य धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत बढ़कर 20,367 करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत भी एजेंसी ने 77.86 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं और धन शोधन से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है। ईडी ने बताया कि रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड से संबंधित मामलों में आगे की जांच जारी है।
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ईडी देश में मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी मुद्रा कानूनों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की जांच करने वाली प्रमुख एजेंसी है। एजेंसी को पीएमएलए के तहत अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें अस्थायी रूप से कुर्क करने का अधिकार प्राप्त है।
रिलायंस ग्रुप से जुड़े मामलों में ईडी पहले भी कई चरणों में संपत्तियां कुर्क कर चुकी है। शनिवार को की गई इस नई कार्रवाई के बाद जांच एजेंसी द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य काफी बढ़ गया है।
फिलहाल, ईडी की जांच जारी है और एजेंसी मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में संबंधित पक्षों की ओर से अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच एजेंसी का कहना है कि वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों और कथित अनियमितताओं से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
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