कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अपने सुधारों के अगले बड़े चरण की तैयारी कर रहा है, जिसे ईपीएफओ 3.0 के नाम से जाना जाएगा। इस चरण के तहत एक नया डिजिटल पोर्टल, बैकएंड में अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित भाषा अनुवाद सुविधाएं शुरू की जाएंगी। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने The Indian Witness को यह जानकारी दी।
यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब ईपीएफओ का दायरा लगातार बढ़ रहा है और श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) के लागू होने के बाद संगठित के साथ-साथ असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी इसके अंतर्गत लाया जा रहा है। इससे ईपीएफओ पर सदस्यों की संख्या और सेवाओं के विस्तार का दबाव बढ़ा है।
ईपीएफओ 3.0 के तहत फंड की पूरी तकनीकी संरचना को नए सिरे से तैयार किया जाएगा। इसे कोर बैंकिंग समाधान की दिशा में ले जाया जा रहा है, जिससे लेनदेन, खातों के प्रबंधन और सेवाओं की गति और पारदर्शिता में सुधार होगा। नया बैकएंड सॉफ्टवेयर अगले एक दशक में संभावित विस्तार को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है।
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इसके अलावा, एआई आधारित भाषा अनुवाद टूल्स का इस्तेमाल कर सदस्यों को क्षेत्रीय और स्थानीय भाषाओं में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे खासकर ग्रामीण और असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को ईपीएफओ से जुड़ी योजनाओं, दावों और सेवाओं को समझने में आसानी होगी।
गौरतलब है कि इससे पहले ईपीएफओ ने निकासी नियमों को उदार बनाने और यूपीआई से जुड़ी सुविधाएं शुरू करने का प्रस्ताव रखा था। ईपीएफओ 3.0 को डिजिटल इंडिया के तहत एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य सेवाओं को अधिक सुलभ, तेज और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाना है।
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