भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम के तहत यूरोपीय संघ परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो लुईस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन 25 से 27 जनवरी तक भारत के राजकीय दौरे पर रहेंगे। दोनों नेता भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह जानकारी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर हो रहे इस दौरे के दौरान यूरोपीय संघ के दोनों शीर्ष नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सीमित स्तर और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ताएं भी होंगी। इन बैठकों में द्विपक्षीय सहयोग, वैश्विक मुद्दों और आपसी हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा किए जाने की संभावना है।
दौरे के दौरान 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता भी की जाएगी। शिखर सम्मेलन के साथ-साथ भारत-ईयू बिजनेस फोरम आयोजित किए जाने की भी संभावना है, जिसमें व्यापार, निवेश, तकनीक, हरित ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
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भारत और यूरोपीय संघ वर्ष 2004 से रणनीतिक साझेदार हैं। बीते वर्षों में दोनों के संबंध व्यापार, रक्षा, जलवायु परिवर्तन, डिजिटल तकनीक और वैश्विक सुरक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में लगातार विस्तारित हुए हैं। विशेष रूप से फरवरी 2025 में यूरोपीय आयोग के प्रतिनिधिमंडल के भारत दौरे के बाद द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा मिली है।
गणतंत्र दिवस समारोह में दोनों यूरोपीय नेताओं की उपस्थिति और भारत-ईयू शिखर सम्मेलन से यह उम्मीद की जा रही है कि दोनों पक्षों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा मिलेगी और आपसी हितों के क्षेत्रों में सहयोग और गहरा होगा।
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