महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार (7 जनवरी, 2026) को अंबरनाथ नगर परिषद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा कांग्रेस और अन्य दलों के साथ गठबंधन किए जाने को पार्टी अनुशासन के खिलाफ बताया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह के कदम अनुशासनहीनता की श्रेणी में आते हैं और पार्टी इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र के दो स्थानीय निकायों में कांग्रेस और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के साथ गठबंधन करने वालों पर भाजपा सख्त कदम उठाएगी। उन्होंने यह टिप्पणी उस घटनाक्रम के बाद की, जिसमें अंबरनाथ नगर परिषद में भाजपा ने कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के साथ मिलकर अपने सहयोगी दल शिवसेना को सत्ता से बाहर रखने की रणनीति अपनाई।
फडणवीस ने कहा कि भाजपा का गठबंधन धर्म स्पष्ट है और पार्टी अपने सहयोगियों के साथ विश्वास और समन्वय के आधार पर काम करती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर बनाए गए गठबंधन न केवल संगठनात्मक अनुशासन को कमजोर करते हैं, बल्कि पार्टी की छवि को भी नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे सभी गठबंधनों को तुरंत रद्द किया जाए।
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इसी तरह का एक मामला अकोला जिले की अकोट नगर परिषद में भी सामने आया है। यहां भाजपा ने AIMIM के निर्वाचित पार्षदों के साथ मिलकर सत्ता समीकरण बनाने की कोशिश की थी। हालांकि बाद में AIMIM के ये पार्षद पार्टी से अलग हो गए। इस घटनाक्रम को भी भाजपा नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी नेतृत्व इस पूरे मामले की समीक्षा कर रहा है और जो भी नेता या कार्यकर्ता पार्टी के अधिकृत निर्णयों के खिलाफ जाकर गठबंधन करता पाया जाएगा, उसके खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई तय है। उन्होंने दोहराया कि स्थानीय निकाय चुनावों में भी भाजपा की नीति और दिशा स्पष्ट है और अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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