मध्य रेलवे की विजिलेंस टीम ने रेलवे बोर्ड के विजिलेंस इंस्पेक्टर बनकर एक कर्मचारी से ठगी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने रेलवे कर्मचारी को स्थानांतरण कराने और भुगतान बकाया राशि दिलाने का झांसा देकर पैसे वसूले। आरोपी को 22 जनवरी को कल्याण रेलवे स्टेशन पर ट्रैप ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरीश कांबले के रूप में हुई है। वह खुद को रेलवे बोर्ड का विजिलेंस इंस्पेक्टर बताकर रेलवे कर्मचारी से संपर्क में आया था। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला ने बताया कि आरोपी ने शिकायतकर्ता से मुंबई स्थित डीआरएम कार्यालय से भुगतान बकाया राशि पास कराने के नाम पर 20,000 रुपये की मांग की थी।
आरोपी को उसी समय पकड़ा गया, जब वह कथित तौर पर शिकायतकर्ता से 20,000 रुपये की रकम स्वीकार कर रहा था। विजिलेंस टीम पहले से ही इस पूरे मामले पर नजर रखे हुए थी और योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया गया था।
और पढ़ें: बीजेपी विधायक के भतीजे की गिरफ्तारी, अवैध शराब तस्करी का भंडाफोड़
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, हरीश कांबले इससे पहले भी शिकायतकर्ता से ऑनलाइन ट्रांसफर के माध्यम से 60,000 रुपये ले चुका था। उसने दावा किया था कि वह कर्मचारी का स्थानांतरण किसी अन्य स्थान पर करा देगा। हालांकि, काफी समय बीतने के बावजूद न तो स्थानांतरण हुआ और न ही कोई आधिकारिक कार्यवाही पूरी हुई।
इसके बाद आरोपी ने दोबारा कर्मचारी से संपर्क किया और इस बार डीआरएम कार्यालय, मुंबई से लंबित भुगतान बकाया राशि जल्द दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके बदले उसने फिर से पैसे की मांग की।
मामले की शिकायत मिलने पर मध्य रेलवे की विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस और रेलवे विजिलेंस अधिकारी अब यह भी जांच कर रहे हैं कि आरोपी ने और किन-किन लोगों को इसी तरह ठगा है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
और पढ़ें: रिपब्लिक डे ऑफर्स: क्रोमा की मेगा डील में M4 मैकबुक 55,000 रुपये से नीचे