फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के खिलाफ राजनीतिक तटस्थता नियमों के संभावित उल्लंघन को लेकर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की नैतिकता संस्था में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। खेल और मानवाधिकार संगठन फेयरस्क्वेयर ने आरोप लगाया है कि इन्फेंटिनो ने राजनीतिक निष्पक्षता के सिद्धांतों का बार-बार उल्लंघन किया है।
यह मामला तब सामने आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फीफा के उस फैसले का श्रेय लिया, जिसमें अमेरिका के फुटबॉल खिलाड़ी फोलारिन बालोगुन को विश्व कप मुकाबले में खेलने की अनुमति दी गई थी। बालोगुन को पिछले मैच में रेड कार्ड मिला था, जिसके बाद आमतौर पर उन्हें अगले मैच से बाहर रहना पड़ सकता था।
ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद फीफा ने बालोगुन को बेल्जियम के खिलाफ खेलने की अनुमति दी। हालांकि, इस मुकाबले में बेल्जियम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अमेरिका को 4-1 से हरा दिया।
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आईओसी के नियमों के अनुसार, खेल संस्थाओं के लिए राजनीतिक तटस्थता ओलंपिक आंदोलन के मूल सिद्धांतों में शामिल है। इन्फेंटिनो वर्ष 2020 में आईओसी के 100 से अधिक आमंत्रित सदस्यों वाले विशेष समूह में शामिल हुए थे, इसलिए आईओसी के पास उनके मामले की समीक्षा का अधिकार है।
लंदन स्थित फेयरस्क्वेयर ने कहा कि वह इन्फेंटिनो के खिलाफ आईओसी नैतिकता आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज करेगा। आईओसी अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री ने पहले कहा था कि यदि कोई शिकायत मिलती है तो उसकी जांच की जाएगी।
इन्फेंटिनो और ट्रंप के बीच संबंधों को लेकर भी पहले से चर्चा होती रही है। दोनों नेताओं के बीच नजदीकी संबंध वर्ष 2018 से बताए जाते हैं, जब अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको ने विश्व कप आयोजन की मेजबानी हासिल की थी।
इन्फेंटिनो कई बार व्हाइट हाउस का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने ट्रंप के कामकाज की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा भी की थी। इसके अलावा उन्होंने पिछले साल वॉशिंगटन में विश्व कप ड्रॉ समारोह के दौरान ट्रंप को फीफा पीस प्राइज भी दिया था।
फेयरस्क्वेयर ने इससे पहले दिसंबर में फीफा की नैतिकता समिति में भी राजनीतिक तटस्थता को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसे नॉर्वे फुटबॉल संघ और यूरोपीय संसद के करीब 50 सदस्यों का समर्थन मिला था। हालांकि, इस मामले में फीफा की ओर से अब तक कोई अपडेट नहीं दिया गया है।
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