लखनऊ की 21 वर्षीय कर्मचारी प्रतीष्ठा गुप्ता का रेज़िग्नेशन ईमेल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। उन्होंने अपने इस्तीफे को औपचारिक पत्र की बजाय एक व्यंग्यात्मक और बेबाक अंदाज में लिखा, जिसे लोग “कॉरपोरेट रियलिटी चेक” बता रहे हैं।
प्रतीष्ठा गुप्ता लखनऊ की एक कंपनी में कंटेंट मार्केटिंग स्ट्रैटेजिस्ट के तौर पर काम कर रही थीं। उन्होंने अपने इस्तीफे का स्क्रीनशॉट इंस्टाग्राम पर साझा किया, जिसके बाद यह पोस्ट इंटरनेट पर तेजी से फैल गई।
अपने ईमेल की शुरुआत में उन्होंने लिखा—
“मैं यह ईमेल आपको आधिकारिक रूप से मेरी विदाई की सूचना देने के लिए भेज रही हूं। मेरा आखिरी दिन आज, 9 मार्च 2026 है। इसे मेरा फाइनल लॉग-आउट समझें।”
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इसके बाद उन्होंने लिखा—
“सच कहूं तो अब चीजें समझ से बाहर हो गई हैं, माहौल खराब हो चुका है और मेरी मानसिक शांति का रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट नेगेटिव में है।”
उन्होंने अपने काम और सैलरी के असंतुलन पर भी कटाक्ष किया। ईमेल में उन्होंने लिखा कि वह एक साथ कई भूमिकाएं निभा रही थीं, जबकि वेतन अपेक्षाकृत कम था। उन्होंने खुद को “सोलो खिलाड़ी जो 5 लोगों की टीम का काम कर रहा है” बताया।
उन्होंने बताया कि उनके काम में वीडियो एडिटिंग, ग्राफिक डिजाइन, SEO, वर्डप्रेस मैनेजमेंट, एनालिटिक्स और कंटेंट स्ट्रैटेजी जैसे कई कार्य शामिल थे। एक हिस्से में उन्होंने लिखा कि वह “HR के साथ संपर्क में रहती थीं, लेकिन अंदर ही अंदर टूट रही थीं।”
सोशल मीडिया पर यह ईमेल तेजी से वायरल हो गया। कई यूजर्स ने कहा कि यह पत्र आज के जेन-Z कर्मचारियों के वर्कप्लेस बर्नआउट और कम वेतन की सच्चाई को दर्शाता है।
कुछ लोगों ने इसे “एक आखिरी मानसिक ब्रेकडाउन के बाद लिखा गया लिंक्डइन पोस्ट” भी बताया।
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