गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को राज्य के नगर निगमों और नगरपालिकाओं को विभिन्न विकास कार्यों के लिए कुल 3,850 करोड़ रुपये के चेक वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने शहरी क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं और सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात के शहरों और महानगरीय क्षेत्रों में उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाएं नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी बढ़ रही है और उन्हें आधुनिक तकनीक के माध्यम से लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करानी होंगी।
भूपेंद्र पटेल ने नगर निगमों और नगरपालिकाओं से विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ नागरिकों की रोजमर्रा की जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई 3,850 करोड़ रुपये की राशि का इस्तेमाल विभिन्न शहरी विकास परियोजनाओं में किया जाएगा। इनमें स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नागरिक सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कार्य शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और स्थानीय निकायों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि विकास योजनाओं का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और तकनीक के इस्तेमाल से सेवाओं को आसान बनाने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आधुनिक और सुविधाजनक शहरों के निर्माण के लिए सरकार, स्थानीय निकायों और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। गुजरात सरकार का लक्ष्य शहरी क्षेत्रों में ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें नागरिकों को सेवाएं तेजी से और अधिक प्रभावी तरीके से मिल सकें।
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