विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने राज्यव्यापी वृक्षारोपण अभियान “एक पेड़ माँ के नाम 3.0” की शुरुआत की। यह अभियान 5 जून को गांधीनगर से औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया।
इस पहल का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना और उन्हें अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करना है। सरकार का मानना है कि यह अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक भावनात्मक और सामाजिक आंदोलन के रूप में विकसित होगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने कहा कि पेड़ हमारे जीवन का आधार हैं और पर्यावरण संरक्षण हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।
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“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का यह तीसरा संस्करण है, जिसे पहले भी राज्य में व्यापक सफलता मिली थी। पिछले चरणों में लाखों पौधे लगाए गए थे और अब “3.0” संस्करण के माध्यम से इस अभियान को और बड़े स्तर पर ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार ने इस बार स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों, नगरपालिकाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों को भी इस अभियान से जोड़ने की योजना बनाई है, ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के तहत राज्य में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाएगा और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, लगाए गए पौधों की सुरक्षा और देखभाल के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है, और गुजरात इस दिशा में लगातार अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
यह अभियान राज्य में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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