गुवाहाटी के नूनमती की रहने वाली युवा महिला हृषिता लाहोन की 28 सितंबर को नोएडा में सड़क हादसे में मौत हो गई। वह रैपिडो बाइक टैक्सी में बतौर यात्री सफर कर रही थीं। परिवार के अनुसार, उनकी बाइक को एक बस ने टक्कर मार दी, जिससे भीषण दुर्घटना हुई। गंभीर रूप से घायल हृषिता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
हृषिता दिल्ली में पढ़ाई और इंटर्नशिप के लिए रह रही थीं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के मैत्रेयी कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से आगे की पढ़ाई कर रही थीं। साथ ही वह एक इंटर्नशिप भी कर रही थीं।
उनकी मां आरती बरुआ लाहोन ने बताया कि हृषिता को एक इंटर्नशिप का विज्ञापन मिला था और साक्षात्कार के बाद उनका चयन हुआ था। वह रोज दिल्ली स्थित अपने फ्लैट से नोएडा जाती थीं। आमतौर पर वह मेट्रो से सफर करती थीं, लेकिन हादसे वाले दिन उन्हें रैपिडो बाइक लेनी पड़ी। परिवार के मुताबिक, हादसा उनके घर से करीब पांच मिनट की दूरी पर हुआ।
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हादसे के बाद परिवार को एक महिला का फोन आया, जिसने हृषिता का मोबाइल मिलने और उन्हें अस्पताल पहुंचाए जाने की जानकारी दी। परिजन तुरंत दिल्ली पहुंचे। उनकी रूममेट और दोस्तों ने भी अस्पताल पहुंचकर इलाज के दौरान मदद की। मां के अनुसार, डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन हृषिता को कई बार कार्डियक अरेस्ट हुआ।
परिवार ने बताया कि हृषिता बेहद ईमानदार, समझदार और जिम्मेदार थीं। वह दूर रहते हुए भी अपने माता-पिता और भाई की चिंता करती थीं।
परिजनों ने लोगों और मीडिया से उनकी निजता और गरिमा का सम्मान करने की अपील की है। परिवार ने हादसे में घायल रैपिडो चालक के प्रति भी कोई दुर्भावना नहीं होने की बात कही और लोगों से हृषिता को सम्मान के साथ याद करने का आग्रह किया।
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