मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े फैसलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल की गई है। अदालत ने मामले पर अगले सप्ताह सुनवाई करने पर सहमति जताई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग के कुछ फैसले अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए। हालांकि, ये याचिकाकर्ता के आरोप हैं और इन पर अंतिम न्यायिक फैसला नहीं हुआ है।
याचिका में एसआईआर से जुड़े फैसलों की वैधता पर सवाल उठाने के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है। एक अन्य याचिका में एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से कथित तौर पर बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने की जांच की मांग की गई है।
इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने भी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग और एसआईआर को लेकर संयुक्त रणनीति पर चर्चा की है। विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे समेत कई मांगें उठाई हैं।
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इसी बीच कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को कांग्रेस में लौटने का न्योता दिया। चौधरी ने कहा कि यदि ममता अपने बचे हुए सांसदों और विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल होती हैं, तो बंगाल में उनके नेतृत्व को स्वीकार कर उनके साथ काम किया जा सकता है।
ममता बनर्जी पहले ही चुनाव आयोग और एसआईआर को लेकर विपक्षी बैठकों में अपनी आपत्तियां रख चुकी हैं। वहीं, तृणमूल कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि किसी औपचारिक प्रस्ताव पर ही पार्टी इस मुद्दे पर विचार करेगी।
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