हरियाणा पुलिस ने सोशल मीडिया और इंटरनेट पर आपत्तिजनक, भ्रामक और हिंसा को बढ़ावा देने वाले कंटेंट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। राज्य के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि हथियारों का महिमामंडन करने, हिंसा फैलाने और महिलाओं व बच्चों से जुड़े अश्लील कंटेंट को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान के तहत इस वर्ष अब तक कुल 6,083 आपत्तिजनक, भ्रामक और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले यूआरएल, ऐप्स और वेबसाइट्स को हटाया गया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई लगातार निगरानी और साइबर सेल की मदद से की जा रही है।
प्लेटफॉर्म-वार आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 4,278 कंटेंट लिंक मेटा प्लेटफॉर्म्स से जुड़े थे, जिनमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप शामिल हैं। इसके बाद 1,172 लिंक यूट्यूब से, 372 एक्स (पूर्व में ट्विटर) से, 167 अन्य प्लेटफॉर्म्स से, 53 टेलीग्राम से, 36 रेडिट से और 5 स्नैपचैट से संबंधित पाए गए।
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पुलिस महानिदेशक ने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक उद्देश्य के लिए होना चाहिए, न कि समाज में डर, भ्रम या हिंसा फैलाने के लिए। उन्होंने युवाओं को भी चेताया कि वे ऐसे कंटेंट से दूर रहें जो समाज को गलत दिशा में ले जाए।
हरियाणा पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में इस तरह के ऑनलाइन कंटेंट पर निगरानी और तेज की जाएगी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ मिलकर कार्रवाई को और सख्त बनाया जाएगा।
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