हरियाणा में बिजली वितरण के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल से जनजीवन प्रभावित हो गया है। गुरुग्राम, नूंह और फरीदाबाद समेत कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ क्षेत्रों में 30 घंटे से अधिक समय तक बिजली नहीं आई, जिससे पेयजल आपूर्ति और औद्योगिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं।
हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं अभियंता संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने यह हड़ताल शुरू की है। राज्य के बिजली क्षेत्र के नियामक हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) ने 19 अक्टूबर को इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को दोनों जिलों में बिजली आपूर्ति के लिए लाइसेंस दिया था। इसके विरोध में कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं।
अनिल विज बोले, जल्द निकल सकता है समाधान
हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने हड़ताल कर रहे कर्मचारी संगठनों को बातचीत के लिए बुलाया है। पंचकूला में दोपहर तीन बजे कर्मचारी नेताओं के साथ बैठक शुरू हुई। विज ने उम्मीद जताई कि बातचीत से कुछ ही घंटों में समाधान निकल सकता है।
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उन्होंने कहा कि वह शुरुआत से ही कर्मचारी नेताओं से बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और अनिल विज ने पहले कहा था कि राज्य सरकार बिजली कर्मचारियों के साथ खड़ी है और एचईआरसी के आदेश के खिलाफ बिजली के लिए अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) में उनका पक्ष मजबूती से रखेगी।
गुरुग्राम में सड़कों पर उतरे लोग
करीब 40 हजार कर्मचारियों की हड़ताल के कारण गुरुग्राम के अशोक विहार फेज-3, दौलताबाद फ्लाईओवर, खांडसा रोड, राजेंद्र पार्क और फर्रुखनगर सहित कई इलाकों में बिजली संकट गहरा गया। परेशान लोगों ने देर रात सड़कों पर उतरकर मुख्य मार्गों को जाम किया और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। इससे यातायात भी प्रभावित हुआ।
सेक्टर-9, हरि नगर, बसई, धनवापुर, न्यू पालम विहार और शीतला कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में बिजली कटौती से घरों में इन्वर्टर और सोसायटियों के बैकअप सिस्टम भी जवाब दे गए। पेयजल आपूर्ति पर भी असर पड़ा।
उद्योगों को नुकसान की आशंका
सेक्टर-37, उद्योग विहार, बसई, कादीपुर और बेगमपुर खटोला के औद्योगिक क्षेत्रों में हजारों इकाइयों का उत्पादन प्रभावित हुआ। इससे उद्योगों को आर्थिक नुकसान और मजदूरों के कामकाज पर असर पड़ने की खबर है। कर्मचारी संगठन का कहना है कि निजीकरण से किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए बिजली महंगी हो सकती है।
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