आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व सांसद के. रघु रामकृष्ण राजू से जुड़े कथित हिरासत यातना मामले में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने बिहार फायर सर्विसेज के इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) एम. सुनील कुमार नाइक को 23 मार्च को मामले के जांच अधिकारी (आईओ) के सामने उपस्थित होने का आदेश दिया है।
हालांकि अदालत ने मानवीय आधार पर उन्हें अपनी बीमार मां से मिलने की अनुमति भी दी है। सुनील नाइक की मां पटना के एक अस्पताल में भर्ती हैं, इसलिए अदालत ने उन्हें पहले अपनी मां से मिलने जाने की छूट दी, लेकिन इसके बाद निर्धारित तारीख पर जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया।
इस मामले में सुनील कुमार नाइक को आरोपी संख्या-7 (A-7) के रूप में नामित किया गया है। उनके खिलाफ आरोप है कि पूर्व सांसद के. रघु रामकृष्ण राजू के साथ हिरासत के दौरान कथित तौर पर दुर्व्यवहार और यातना दी गई थी। यह मामला लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया में है और इसकी जांच जारी है।
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सुनील नाइक ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत (एंटिसिपेटरी बेल) की याचिका भी दाखिल की है। हालांकि अदालत ने इस याचिका पर तुरंत फैसला नहीं सुनाया और कहा कि इसकी स्वीकार्यता (मेंटेनेबिलिटी) पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्णय लिया जाएगा।
हाईकोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 18 मार्च की तारीख तय की है। उस दिन अदालत यह तय करेगी कि सुनील नाइक की अग्रिम जमानत याचिका पर आगे की कार्रवाई कैसे की जाएगी।
यह मामला पूर्व सांसद के साथ कथित पुलिस हिरासत में हुए व्यवहार को लेकर काफी चर्चा में रहा है और अदालत की निगरानी में इसकी जांच आगे बढ़ रही है।
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