हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने पंचायत सीमांकन में अवैधता पर कड़ी कार्रवाई की है और राज्य के पंचायत चुनावों से संबंधित एक महत्वपूर्ण आदेश दिया है। एक बेंच, जिसमें न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा शामिल थे, ने राज्य सरकार को पंचायत राज अधिनियम और नियम 1994 का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने कई याचिकाओं पर सुनवाई की, जिसमें एक याचिका महिला मंडल गांव उमरी की तरफ से राज्य सरकार के खिलाफ दायर की गई थी। अदालत ने अवैध पंचायत सीमांकन पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि इसे फिर से सीमांकित करने की जरूरत है और इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए राज्य सरकार को आदेश दिया।
हिमाचल प्रदेश सरकार को आगामी पंचायत चुनावों के लिए 7 अप्रैल तक चुनावी सूची में संशोधन कर उसे प्रस्तुत करने का आदेश भी दिया गया। अदालत ने यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं कि पंचायत चुनावों में किसी भी तरह की गड़बड़ी या अवैधता न हो और सभी पंचायतों की सही सीमाएं तय की जाएं।
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यह आदेश पंचायत चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। अब राज्य सरकार को इस आदेश का पालन करना होगा, ताकि चुनाव प्रक्रिया में कोई विघ्न न आए।
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