हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते राज्य के 524 सड़कों पर यातायात बाधित हो गया है और 1230 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में लगातार वर्षा की चेतावनी जारी की है।
राज्य में जून 20 से शुरू हुए मानसून के बाद से अब तक कुल 312 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 160 की मौतें सीधे बारिश और उससे जुड़े आपदाओं के कारण हुई हैं। बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं ने हिमाचल के विभिन्न जिलों में जनजीवन और अवसंरचना को भारी नुकसान पहुंचाया है।
हिमाचल प्रदेश के प्रशासन ने आपात स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। प्रभावित इलाकों में पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने लोगों को निर्देश दिया है कि वे जलभराव और भूस्खलन वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
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विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कई ट्रांसफार्मरों और बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचा है, जिसके कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में बिजली की बहाली का कार्य जारी है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश की पहाड़ी भौगोलिक स्थिति और मानसून की तेज बारिश के कारण भविष्य में भी इस तरह की आपदाओं की संभावना बनी रहती है।
राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया है और राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
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