हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और बादल फटने जैसी घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य में मानसून से जुड़ी आपदाओं के कारण अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।
सोमवार को राज्य सरकार ने एक परामर्श जारी करते हुए कहा कि लगातार हो रही बारिश, भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं के चलते कई क्षेत्रों में हालात गंभीर बने हुए हैं। ऐसे में बिना आवश्यक कारण के यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन और जिला प्रशासन की सलाह पर लगातार नजर रखें। प्रशासन ने पर्यटकों से भी पर्वतीय इलाकों की यात्रा फिलहाल टालने का अनुरोध किया है।
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पिछले कुछ दिनों में राज्य के कई जिलों में भारी बारिश के कारण सड़कें बंद हो गई हैं, पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं और कई स्थानों पर बिजली तथा पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। बचाव एवं राहत दल प्रभावित इलाकों में लगातार राहत कार्य चला रहे हैं। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सरकार ने कहा कि आपदा की स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें भी जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता के लिए तैयार हैं।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने सभी नागरिकों और पर्यटकों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने और केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने का आग्रह किया है।
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