हिमाचल प्रदेश में लगातार जारी मानसूनी बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) की सोमवार शाम जारी रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में 36 सड़कें बंद हैं, जबकि 43 पेयजल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में भूस्खलन, जलभराव और सड़क मार्गों पर मलबा आने की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग बंद सड़कों को खोलने और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाएं बहाल करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
राज्य के कई पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की टीमें मशीनरी के साथ सड़कों से मलबा हटाने और आवागमन बहाल करने में जुटी हैं। अधिकारियों ने बताया कि मौसम में सुधार के साथ ही बंद मार्गों को जल्द खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
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बारिश का असर पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ा है। कई जल स्रोतों में गाद और मलबा आने से पानी की आपूर्ति बाधित हुई है। जल शक्ति विभाग प्रभावित योजनाओं को दोबारा शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
हिमाचल प्रदेश में हर साल मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचता है। इस बार भी लगातार बारिश के कारण कई जिलों में स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें और प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जाए। राहत और बचाव कार्यों के लिए आपदा प्रबंधन दलों को भी सक्रिय रखा गया है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता बंद सड़कों को खोलना, पेयजल व्यवस्था बहाल करना और बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित रखना है। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।
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