हिमाचल प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राज्य में स्कूल कॉम्प्लेक्स व्यवस्था को वापस लेने की मांग को लेकर प्राथमिक शिक्षकों की क्रमिक भूख हड़ताल मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी रही। शिक्षकों का कहना है कि यह व्यवस्था सरकारी प्राथमिक विद्यालयों की कार्यप्रणाली और विद्यार्थियों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।
यह क्रमिक भूख हड़ताल शिमला स्थित प्राथमिक शिक्षा निदेशालय परिसर में आयोजित की जा रही है। इसमें राज्य के विभिन्न जिलों से आए शिक्षक बारी-बारी से 24 घंटे के उपवास में शामिल हो रहे हैं। आंदोलनकारी शिक्षकों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
शिक्षकों का आरोप है कि स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रणाली लागू होने के बाद प्राथमिक विद्यालयों के प्रशासनिक कार्यों में जटिलता बढ़ गई है। उनका कहना है कि इससे शिक्षकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। इसलिए सरकार को इस व्यवस्था की समीक्षा कर इसे तत्काल वापस लेना चाहिए।
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आंदोलन में शामिल शिक्षकों ने कहा कि वे लंबे समय से सरकार के समक्ष अपनी मांगें रख रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से भूख हड़ताल का सहारा लेना पड़ा है। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
दूसरी ओर, शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। शिक्षकों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही वार्ता के लिए आगे आएगी और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। फिलहाल शिमला में जारी यह आंदोलन राज्य की शिक्षा व्यवस्था और सरकारी नीतियों को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।
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