असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) गुवाहाटी के पहले मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) बैच 2026-28 का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम संस्थान के अस्थायी परिसर में आयोजित किया गया, जो कामरूप जिले के बोंगोरा स्थित टेक सिटी में बनाया गया है।
आईआईएम गुवाहाटी के पहले एमबीए बैच की शुरुआत को असम में उच्च शिक्षा और प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यह संस्थान राज्य के युवाओं को विश्वस्तरीय प्रबंधन शिक्षा और बेहतर करियर अवसर प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि आईआईएम गुवाहाटी की स्थापना असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय जोड़ेगी। इससे स्थानीय युवाओं को देश और दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थानों के समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आईआईएम गुवाहाटी आने वाले वर्षों में प्रबंधन शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र बनेगा।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि पहले एमबीए बैच में चयनित छात्रों को आधुनिक प्रबंधन शिक्षा, उद्योग से जुड़े प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा। संस्थान का उद्देश्य छात्रों को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।
आईआईएम गुवाहाटी की शुरुआत को पूर्वोत्तर भारत में शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस संस्थान से क्षेत्र में उद्यमिता, रोजगार और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने छात्रों को कड़ी मेहनत, नवाचार और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नए भारत के निर्माण में युवा प्रबंधकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।
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