हैदराबाद रिजनल रिंग रेल (RRR) परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने सर्वे को मंजूरी दे दी है। यह सर्वे परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने में मदद करेगा और शहर के चारों ओर महत्वाकांक्षी रेल कनेक्टिविटी योजना के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
इस जानकारी की घोषणा केंद्रीय राज्य रेल मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने लोकसभा में की, जब भुवनगिरी के सांसद चमला किरण कुमार रेड्डी ने नियम 377 के तहत सवाल उठाया। मंत्री ने बताया कि सर्वे की मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
रिजनल रिंग रेल परियोजना का उद्देश्य हैदराबाद के आसपास कनेक्टिविटी को मजबूत करना और शहर के विभिन्न उपनगरों तथा प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों को जोड़ना है। यह योजना शहर के ट्रैफिक जाम को कम करने और जनता को तेज़, सुविधाजनक और टिकाऊ रेल परिवहन विकल्प देने में मदद करेगी।
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सांसद किरण कुमार रेड्डी ने कहा कि केंद्र की मंजूरी महत्वाकांक्षी परियोजना को गति देने और डीपीआर तैयार करने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने यह भी बताया कि परियोजना के कार्यान्वयन से हैदराबाद के विकास और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि सर्वे में मार्ग, स्टेशनों के स्थान, तकनीकी डिज़ाइन और यात्री परिवहन क्षमता का अध्ययन शामिल होगा। इसके बाद परियोजना की वास्तविक क्रियान्वयन योजना तैयार की जाएगी।
इस सर्वे की मंजूरी के साथ हैदराबाद रिजनल रिंग रेल परियोजना अब अपने अगले चरण में प्रवेश कर चुकी है, और आने वाले महीनों में डीपीआर की तैयारी शुरू होने की संभावना है।
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