भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने फ्लाईदुबई विमान में हमले का सामना करने वाले कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की है। उन्होंने कहा कि स्मित ने मुश्किल परिस्थितियों में असाधारण शारीरिक और मानसिक दृढ़ता का परिचय दिया। वायुसेना प्रमुख ने उनके साहस को विमानन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए एक सीख बताया।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने शनिवार को कहा कि कैप्टन स्मित ने हमलावर का सामना करते समय अपनी सूझबूझ और शारीरिक क्षमता का बेहतरीन इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि फ्लाईदुबई के पायलट बहादुर होते हैं, लेकिन जिस तरह स्मित ने परिस्थितियों का सामना किया, वह असाधारण है। उन्होंने कहा कि स्मित ने जिस तरह का शारीरिक और मानसिक संकल्प दिखाया, वह सीखने योग्य है।
यह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में हुई थी। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था, तभी ओमान के सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने कथित तौर पर कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया। हमले के बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा और स्थिति गंभीर हो गई।
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गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचे और उसे खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ दिया गया, जहां वह सुरक्षित उतरा। इसके बाद स्मित को अस्पताल ले जाया गया और उनका इलाज जारी है।
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल में भर्ती कैप्टन स्मित से वीडियो कॉल पर बातचीत की। स्मित ने उन्हें बताया कि घायल होने के बावजूद उन्हें महसूस हुआ कि विमान नीचे जा रहा है, इसलिए उन्होंने आखिरी प्रयास करते हुए कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचने का फैसला किया।
पाकिस्तान द्वारा चीन से पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान हासिल करने के सवाल पर वायुसेना प्रमुख ने इसे चिंता का विषय बताया, लेकिन कहा कि इसे बहुत बड़ी चिंता नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने भारत के एएमसीए कार्यक्रम का भी उल्लेख किया।
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