एशियन गेम्स 2026 के पुरुष हॉकी फाइनल में भारत का सामना मलेशिया से हो रहा है। जापान के गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले में सिर्फ स्वर्ण पदक ही दांव पर नहीं है, बल्कि विजेता टीम को 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने का मौका भी मिलेगा।
भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही है और लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का स्वर्ण जीतने के इरादे से मैदान पर उतरी है। भारत का सबसे रोमांचक मुकाबला सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ रहा, जहां टीम ने 4-3 से जीत दर्ज की। मुकाबले के अंतिम क्षणों में फॉरवर्ड खिलाड़ी अभिषेक ने निर्णायक गोल करके भारत को फाइनल में पहुंचाया।
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह पेनल्टी कॉर्नर पर टीम के लिए अहम भूमिका निभा रहे हैं। वहीं अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह मिडफील्ड में टीम को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। अगर भारत फाइनल जीतता है, तो वह अपना एशियन गेम्स खिताब बरकरार रखेगा। साथ ही मनप्रीत सिंह तीन एशियन गेम्स स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय हॉकी खिलाड़ी बन सकते हैं।
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दूसरी ओर, मलेशिया भी पहली बार पुरुष हॉकी में एशियन गेम्स का स्वर्ण जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान पर है। ‘स्पीड टाइगर्स’ ने ग्रुप चरण में एक भी मुकाबला नहीं गंवाया और सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 2-1 से हराया। मलेशियाई टीम तेज खेल, लंबे एरियल पास और जवाबी हमलों के लिए जानी जाती है।
फाइनल में पेनल्टी कॉर्नर का बचाव, अनुशासन और अंतिम क्वार्टर में दबाव झेलने की क्षमता अहम होगी। भारत लगातार दूसरी बार स्वर्ण जीतना चाहेगा, जबकि मलेशिया इतिहास रचने की कोशिश करेगा। मुकाबले में तेज और कड़ा खेल देखने को मिलने की उम्मीद है।
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