भारत और ब्रिटेन के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती देते हुए भारतीय वायुसेना (IAF) पहली बार अपने प्रशिक्षकों को ब्रिटेन भेजेगी, जहां वे रॉयल एयर फोर्स (RAF) के फास्ट जेट पायलटों को प्रशिक्षण देंगे। इस ऐतिहासिक कदम के तहत भारतीय वायुसेना के तीन क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (QFI) यूनाइटेड किंगडम के RAF वैली बेस पर तैनात किए जाएंगे।
यह फैसला नई दिल्ली में आयोजित 19वीं यूके-इंडिया एयर स्टाफ वार्ता के दौरान लिया गया। इन प्रशिक्षकों की तैनाती प्रारंभिक रूप से दो वर्षों के लिए होगी। RAF वैली ब्रिटेन का प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र है, जहां फास्ट जेट पायलटों को तैयार किया जाता है।
यूके हाई कमीशन के अनुसार, यह कदम जनवरी 2026 में RAF कॉलेज क्रैनवेल में एक भारतीय अधिकारी की पहली बार तैनाती के बाद उठाया गया है। अब ब्रिटेन की तीनों सैन्य अकादमियों में भारतीय अधिकारी प्रशिक्षक के रूप में मौजूद हैं, जो दोनों देशों के बढ़ते रक्षा सहयोग का प्रतीक है।
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RAF के सहायक प्रमुख एयर वाइस मार्शल इयान टाउनसेंड ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के लंबे संबंधों को और मजबूत करेगा तथा एयरक्रू प्रशिक्षण में उत्कृष्टता और आपसी सहयोग को बढ़ाएगा। वहीं ब्रिटिश हाई कमीशन के रक्षा सलाहकार कमोडोर क्रिस सॉन्डर्स ने इसे ‘विजन 2035’ के तहत रक्षा साझेदारी में एक अहम उपलब्धि बताया।
इस समझौते के तहत भारतीय प्रशिक्षक BAE Hawk T2 और Texan T1 विमानों पर प्रशिक्षण देंगे। हालांकि वे RAF के साथ काम करेंगे, लेकिन प्रशासनिक रूप से भारतीय वायुसेना के अधीन ही रहेंगे।
भारत-ब्रिटेन रक्षा सहयोग हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ा है। दोनों देशों ने संयुक्त सैन्य अभ्यास, समुद्री अभ्यास और हवाई युद्ध अभ्यास जैसे कई कार्यक्रमों में भाग लिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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