प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय सचिवालय की नई इमारतें, कर्तव्य भवन 1 और 2, भी उद्घाटन की जाएंगी।
प्रधानमंत्री मोदी इस दिन दक्षिण ब्लॉक में होने वाली अंतिम केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे। यह बैठक एक ऐतिहासिक मोड़ है, क्योंकि iconic उत्तर और दक्षिण ब्लॉक को खाली किया जा रहा है। यह कदम सरकारी कार्य प्रणाली को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में लिया गया है।
‘सेवा तीर्थ’ में नए पीएमओ की स्थापना का उद्देश्य प्रधानमंत्री और उनके कार्यालय के लिए एक अत्याधुनिक कार्यक्षेत्र प्रदान करना है, जिसमें डिजिटल सुविधा, पारदर्शिता और कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य माहौल सुनिश्चित किया गया है। कर्तव्य भवन 1 और 2 में भी आधुनिक कार्यालय सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जो सरकारी कामकाज को और अधिक सुव्यवस्थित बनाएंगी।
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इस बदलाव के साथ ही एक युग का अंत भी होगा, जब ऐतिहासिक उत्तर और दक्षिण ब्लॉक से सभी सरकारी कार्यालयों को नए परिसर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। यह कदम देश की प्रशासनिक प्रणाली में नवीनता और आधुनिकता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री के उद्घाटन समारोह के दौरान नई सुविधाओं का औपचारिक निरीक्षण भी किया जाएगा, और कर्मचारियों और अधिकारियों को नए कार्य परिवेश की जानकारी दी जाएगी।
इस प्रकार, ‘सेवा तीर्थ’ पीएमओ और केंद्रीय सचिवालय के लिए एक नया अध्याय खोलने जा रहा है, जो भारत की सरकारी कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाएगा।
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