देश की राजधानी सहित कई शहरी इलाकों में अवैध और अनुशासनहीन पार्किंग गंभीर समस्या बनती जा रही है। निजी वाहनों द्वारा सड़कों के किनारे गलत तरीके से पार्किंग करने से न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि पैदल चलने वालों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर भी बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों और मुख्य सड़कों पर वाहनों की अनियमित पार्किंग के कारण सड़कें संकरी हो जाती हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति लगातार बनी रहती है। कई इलाकों में लोग अपने वाहनों को सड़क किनारे ही खड़ा कर देते हैं, जिससे अन्य वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप्स में इस समस्या को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि यह स्थिति नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन है और यह एक गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा समस्या बन चुकी है।
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इसके अलावा, सड़कों पर निर्माण सामग्री का अव्यवस्थित ढंग से रखा जाना भी समस्या को और गंभीर बना रहा है। इसके कारण पैदल चलने वाले लोगों को मजबूरी में मुख्य सड़क पर उतरना पड़ता है, जिससे वे तेज रफ्तार वाहनों के बीच जोखिम में आ जाते हैं।
होली एंजल्स कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, वंचियूर की प्रिंसिपल सीनियर सेबिन फर्नांडिस ने कहा कि इस तरह की अव्यवस्था स्कूली बच्चों के लिए बेहद खतरनाक स्थिति पैदा करती है। उन्होंने बताया कि रोजाना स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को असुरक्षित परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई की जाए और सड़कों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि शहर में यातायात व्यवस्था सुचारू रह सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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