देशभर में जारी भीषण गर्मी और लू की स्थिति से जल्द राहत मिलने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा पूर्वानुमान में कहा है कि मई महीने में देश में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। साथ ही दक्षिण-पश्चिम मानसून के 14 से 16 मई के बीच अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पहुंचने की उम्मीद जताई गई है।
हालांकि IMD ने यह भी चेतावनी दी है कि कुछ क्षेत्रों में गर्मी का असर अभी बना रहेगा। विशेष रूप से हिमालय की तलहटी, पूर्वी तट के राज्य, गुजरात और महाराष्ट्र में सामान्य से अधिक लू के दिन दर्ज हो सकते हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, मई में देशभर में औसतन बारिश सामान्य से अधिक रहने की संभावना है, लेकिन पूर्वी, पूर्वोत्तर और पूर्व-मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रह सकती है।
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IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि मई 2026 में देश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। वहीं उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत के कुछ हिस्सों और दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य या उससे कम रह सकता है।
मानसून की शुरुआत को लेकर उन्होंने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 14 से 16 मई के बीच अंडमान-निकोबार में प्रवेश करेगा।
मौसम विभाग ने यह भी बताया कि प्रशांत महासागर में एल-नीनो और ला-नीना के बीच की स्थिति (ENSO न्यूट्रल) धीरे-धीरे एल-नीनो की ओर बढ़ रही है, जो मानसून पर असर डाल सकती है।
अप्रैल महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या उससे कम रहा, जबकि दक्षिणी प्रायद्वीप में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। इसी दौरान देश में 7 पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय रहे।
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