राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को घोषणा की कि INDIA गठबंधन 7 अक्टूबर को बिहार के सभी प्रखंडों में ‘आक्रोश मार्च’ निकालेगा। इसके अगले दिन, 8 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। यह आंदोलन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर विपक्ष की आपत्तियों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि 8 अक्टूबर को पटना में लोक भवन की ओर मार्च निकाला जाएगा। इस दौरान राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष की चिंताओं से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होकर आंदोलन करेगा।
तेजस्वी यादव ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनको पद से हटाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रहे हैं। हालांकि, ये आरोप तेजस्वी यादव और विपक्षी गठबंधन के राजनीतिक दावे हैं।
और पढ़ें: जमुई घटना पर तेजस्वी यादव ने मांगा सीएम सम्राट चौधरी का इस्तीफा, कहा- बिहार में महिलाएं सुरक्षित नहीं
आरजेडी नेता ने बिहार और पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का भी आरोप लगाया और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गठबंधन इस मुद्दे को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखेगा।
तेजस्वी ने बिहार में एसआईआर के खिलाफ पटना में एक बड़ी रैली आयोजित करने की भी घोषणा की। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसकी तारीख गठबंधन में शामिल अन्य दलों के साथ विचार-विमर्श के बाद तय की जाएगी।
इस बीच, चुनाव आयोग की ओर से एसआईआर प्रक्रिया को लेकर अलग रुख सामने आया है। आयोग ने पहले कहा है कि बिहार में एसआईआर का आदेश सर्वसम्मति से लिया गया था। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष और निर्वाचन आयोग के बीच राजनीतिक तथा कानूनी बहस जारी है।
और पढ़ें: महंगाई चरम पर, किसान तबाह, लेकिन ध्यान दीये जलाने पर: तेजस्वी यादव का बिहार सरकार पर हमला