कथित ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में इंडिया गठबंधन के नेता सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालेंगे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेता भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को ज्ञापन सौंपने की कोशिश करेंगे। उनकी प्रमुख मांगों में एसआईआर प्रक्रिया पर रोक और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा शामिल है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि वे भारत की आवाज को दबा नहीं सकते। उत्तर प्रदेश के रायबरेली से सांसद गांधी ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता प्रेम, भाईचारे और देशभक्ति की भावना के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे।
इस मार्च में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव के भी शामिल होने की संभावना है।
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इससे पहले मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने राहुल गांधी की मुलाकात की मांग ठुकरा दी थी। उन्होंने कहा था कि कथित वोट चोरी और एसआईआर से जुड़े मुद्दे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं।
दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई
विपक्षी नेताओं के मार्च से पहले मध्य दिल्ली के प्रमुख इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने सोमवार के लिए यातायात परामर्श जारी करते हुए लोगों से प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने और यातायात सुचारु रखने में अधिकारियों का सहयोग करने की अपील की है।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने भी सुरक्षा कारणों से छह मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रखने की घोषणा की है। इनमें पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय और बाराखंभा रोड स्टेशन शामिल हैं। हालांकि, इन स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
विपक्षी गठबंधन का कहना है कि यह मार्च लोकतंत्र, संविधान और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आयोजित किया जा रहा है।
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