भारत और कनाडा ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए औपचारिक बातचीत शुरू कर दी है। इस समझौते को व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) कहा जाता है और इसे शीघ्र आगे बढ़ाने का लक्ष्य है, जैसा कि सोमवार को एक सरकारी बयान में कहा गया।
इस समझौते के तहत, व्यापार में माल, सेवाओं और अन्य सहमति वाले नीतिगत क्षेत्रों को कवर किया जाएगा। दोनों देशों के बीच यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने और दोनों अर्थव्यवस्थाओं को अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और कनाडा के उनके समकक्ष मंत्री मनींद्र सिधू ने नई दिल्ली में इस समझौते के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) पर हस्ताक्षर किए। इसके माध्यम से दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को अधिक मजबूत किया जाएगा और इससे भारत के निर्यात को बढ़ाने के लिए नए अवसर सृजित होंगे।
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भारत और कनाडा के बीच यह बातचीत विशेष महत्व रखती है क्योंकि दोनों देशों के बीच मजबूत व्यापारिक रिश्ते बनाने के लिए यह एक प्रमुख अवसर है। भारत के लिए यह समझौता कृषि, खनिज, आईटी, और अन्य प्रमुख उद्योगों में न केवल व्यापार बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करेगा।
कनाडा की अर्थव्यवस्था के लिए भी यह समझौता फायदेमंद रहेगा, क्योंकि यह उन्हें भारत जैसे विशाल और तेजी से बढ़ते बाजार में अधिक प्रवेश का अवसर प्रदान करेगा।
दोनों देशों के बीच यह मुक्त व्यापार समझौता द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगा और व्यापार के नए रास्ते खोलेगा।
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