नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाते हुए देशभर में कफ सिरप सहित सभी सिरप दवाओं की ओवर-द-काउंटर (OTC) बिक्री पर रोक लगा दी है। अब इन दवाओं को खरीदने के लिए मरीजों को डॉक्टर द्वारा जारी वैध पर्चा (प्रिस्क्रिप्शन) दिखाना अनिवार्य होगा।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, अब कोई भी केमिस्ट बिना पर्चे के कफ सिरप या अन्य औषधीय सिरप नहीं बेच सकेगा। यह नियम ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत लागू किया गया है। इसके लिए ड्रग्स रूल्स 1945 में संशोधन कर “सिरप्स” शब्द को शेड्यूल K से हटा दिया गया है।
इस बदलाव के बाद सिरप दवाओं को एक सख्त नियामक ढांचे के अंतर्गत लाया गया है, जिससे उनकी बिक्री केवल डॉक्टर की अनुमति पर ही संभव होगी।
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सरकार ने यह फैसला सार्वजनिक फीडबैक और हाल ही में हुई घटनाओं के बाद लिया है। पिछले कुछ महीनों में मध्य प्रदेश और राजस्थान में दूषित कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मामले सामने आए थे, जिसके बाद दवा सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।
इन घटनाओं के बाद सरकार पर दवाओं की निगरानी और सख्त करने का दबाव बढ़ गया था। अब इस नए नियम के लागू होने से कफ सिरप और अन्य लिक्विड दवाएं सामान्य रूप से बिना प्रिस्क्रिप्शन के उपलब्ध नहीं होंगी।
नई व्यवस्था के तहत मरीजों को किसी भी दवा की दुकान से सिरप खरीदने के लिए पंजीकृत चिकित्सक द्वारा जारी वैध पर्चा दिखाना अनिवार्य होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगेगी और बच्चों सहित आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
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