विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी दी है कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में फैला इबोला वायरस का प्रकोप अभी भी नियंत्रण से बाहर है। संगठन के अनुसार, संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, इसका भौगोलिक दायरा तेजी से फैल रहा है और पड़ोसी देशों में संक्रमण पहुंचने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, यह इबोला प्रकोप कांगो के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा प्रकोप बन चुका है। देश में अब तक 3,605 पुष्ट संक्रमित मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 1,587 लोगों की मौत हो चुकी है। इस तरह संक्रमण से मृत्यु दर लगभग 44 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाती है।
संगठन ने बताया कि महामारी विज्ञान के 30वें सप्ताह में संक्रमण ने नया रिकॉर्ड बनाया। इस दौरान एक ही सप्ताह में 567 नए मामले सामने आए, जबकि 296 लोगों की मौत दर्ज की गई। यह अब तक का सबसे अधिक साप्ताहिक आंकड़ा है, जिससे स्पष्ट है कि संक्रमण की रफ्तार लगातार बढ़ रही है।
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डब्ल्यूएचओ का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में असुरक्षा, हिंसा, बड़े पैमाने पर लोगों का विस्थापन और लगातार आवाजाही के कारण राहत एवं नियंत्रण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इन परिस्थितियों में संक्रमित लोगों की पहचान, संपर्कों का पता लगाने, उपचार और टीकाकरण जैसी सार्वजनिक स्वास्थ्य गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि यदि संक्रमण पर शीघ्र नियंत्रण नहीं पाया गया, तो यह पड़ोसी देशों में भी फैल सकता है और क्षेत्रीय स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकता है। डब्ल्यूएचओ ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से निगरानी बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और प्रभावित क्षेत्रों में मानवीय सहायता तेज करने का आह्वान किया है। संगठन ने सभी देशों से सतर्क रहने और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी तथा रोकथाम के उपायों को और मजबूत करने की सलाह दी है।
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